गया के 1,07,312 घरों के 6,40,746 लोगों को उनके घर जाकर कोरोना के लक्षणों की गई जाॅच -डाॅ॰ प्रेम कुमार - NPBP NEWS

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Wednesday, 22 April 2020

गया के 1,07,312 घरों के 6,40,746 लोगों को उनके घर जाकर कोरोना के लक्षणों की गई जाॅच -डाॅ॰ प्रेम कुमार

 गया से संवाददाता नन्का पासवान NPBP NEWS 
डाॅ॰ प्रेम कुमार, माननीय मंत्री, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार ने गया परिसद में गया के सिविल सर्जन डा॰ ब्रजेष कुमार सिंह एवं अपर समाहर्ता, लोक षिकायत निवारण -सह- वरीय प्रभारी अस्पताल प्रबंधन, गया श्री नरेष झा से कोरोना वैष्विक महामारी में जारी लाॅक डाउन-02 में गया जिले के विभिन्न अस्पतालों में मरीजों को उपलब्ध स्वास्थ्य संबंधि सुविधाओं और कोरोना संक्रमण रोकथाम हेतु किये जा रहे कार्यो की समीक्षा की। 
सिविल सर्जन ने बताया कोरोना महामारी रोकथाम के लिये और संक्रमित व्यक्तियों को पहचानने के लिये जिले के प्रत्येक घर के सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। इसमें घर के प्रत्येक सदस्य में कोरोना के चार लक्षणों खांसी, नाक बहना, बुखार एवं सांस फूलना के बारे में पूछताछ की जा रही है। यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण होते हैं तो उनसे नमूना एकत्र किया जाता है और उनको घर पर ही अन्य लोगों से दूरी बनाकर क्वारिनटाईन में रखते हैं। स्वास्थय कर्मी उनकी दिन प्रतिदिन की स्वास्थ्य की जाॅच करते हैं। सर्वे के काम में प्रारम्भ में फ्लू कार्नर पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। जिले में छुटपुट विरोध को छोड़कर नागरिक स्वास्थ्य कर्मियों को सहयोग कर रहें हैं। इस काम में डब्लयू॰ एच॰ ओ॰, केयर एवं यूनिसेफ का सहयोग मिल रहा है। 
साथ ही उन्होंने मगध मेडिकल को कोविड अस्पताल घोषित किये जाने के बाद जे॰पी॰एन॰ एवं प्रभावति अस्पताल में ओ॰पी॰डी॰ एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को नियमित रुप से मरीजों को उपलब्ध होने की बात बतायी। प्रभावति अस्पताल में महिलाओं एवं बच्चों का ईलाज हो रहा है मंगलवार को 30 डिलिवरी हुई जिसमें से आठ सिजेरियन केस था। यहाॅ बेड की संख्या 50 से बढ़ाकरण 130 कर दी गई है। नवजात षिषुओं को रखने के लिये 15 अत्याधुनिक इंटेषिव केयर युनिट चालू हैं। जे॰पी॰एन॰ अस्पताल में मंगलवार को 210 ओ॰पी॰डी॰, 100 इमरजेंषी केस आये 08 मरीजों का प्लास्टर किया गया एवं 30 मरीजों को भर्ती किया गया है। यहाॅ आर्थोपेडिक, इमरजेन्सी, एक्सीडेंट जैसे सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके इसके लिये डाॅक्टरों एवं नर्सो की संख्या बढ़ाई गई है। यहाॅ 02 वेंटिलेटर लगाये गये हैं एवं 05 एम्बुलेन्स मरीजों को लाने ले जाने का काम कर रहीं हैं। दवाईयों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। टिकारी एवं शेरघाटी अनुमण्डल अस्पतालों में ओ॰पी॰डी॰ और डिलीवरी की सेवाओं को शुरु कर दिया गया है। प्रखण्डों के स्वास्थ्य केन्द्रों से फ्लू कार्नर का काम हो रहा है और घरों के सर्वे काम की मानिटरिंग की जा रही है। किसी प्रकार की समस्या होने पर स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाईन 102 पर सम्पर्क किया जा सकता है। 
अपर समाहर्ता ने बताया कि जिले में अभी तक 871 संदिग्ध लोग मिले हैं जिसमें से 727 की जाॅच के नमूने लेकर जाॅच करायी गई है 625 जाॅच रिपोर्ट आ गई है जिसमें से 05 पाजिटिव केस मिले थे पाॅचों का ईलाज किया गया है और सभी की रिपोर्ट निगेटिव हो गई है, चार पाजिटिव को छुट्टी दे दी गई है। 678 को क्वाईरनटाईन में और 248 को आॅइसोलेषन में रखा गया है। पिछले 15 दिनों से गया में कोई पाजिटिव केस नहीं मिला है यदि यही स्थिति 02 मई तक बनी रहती है तो गया जिला ग्रीन जोन में आ जायेगा। 
माननीय मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के डाॅक्टरों एवं नर्सो और सभी स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा इस वैष्विक संकट के समय किये जा रहें कार्यो की प्रसंस्षा की और भविष्य के लिये शुभकामनायें दी। उन्होने कहा कि अभी लगातार विजिलेन्ट रहना है। अस्पतालों में साफ सफाई की नियमित जाॅच कराते रहें। साथ ही उन्होने इंडियन मेडिकल ऐसोसिएषन के अध्यक्ष डा॰ राम सेवक सिंह से अपील की कि वे गया जिले के सभी पंजीकृत नर्सिंग होम एवं पैथोलाॅजी सेन्टर को खोलवाने का काम करें। उन्होंने कहा कि डाॅक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के लिये जिले में पर्याप्त पी॰पी॰ई॰ एवं अन्य सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध हैं यदि इन सामग्रियों के मिलने में किसी भी तरह की समस्या हो तो वे ड्रग कन्ट्रोलर से सम्पर्क कर सकते हैं।

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