पटना हाईकोर्ट को खोलने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अब 29 सितंबर को पता चलेगा कि कोर्ट वर्चुअल ही चलेगा या फिजिकल? कोरोना के कारण हाईकोर्ट मार्च से वर्चुअल चल रहा है। न तो न्यायाधीश जाते हैं और न ही वकील। मुकदमा दायर करने का तरीका भी बदल चुका है। वकील ई-मेल से मुकदमा दायर कर रहे हैं।
बुधवार को चीफ जस्टिस संजय करोल, जस्टिस दिनेश कुमार सिंह व जस्टिस हेमंत कुमार श्रीवास्तव की फुल बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई में महाधिवक्ता ललित किशोर, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया के एन सिंह, एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा, महासचिव शैलेन्द्र सिंह, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार ठाकुर, महासचिव राजीव कुमार सिंह, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह व सचिव मुकेश कांत ने अपनी बातें रखीं।
कोर्ट का कहना था कि कोरोना से बचाव के लिए अगर पुख्ता इंतजाम हो जाए तो कोर्ट खोलने में कोई परेशानी नहीं है। लेकिन केंद्र और राज्य सरकार को यह भरोसा दिलाना होगा कि उसके लिए जरूरी फंड की व्यवस्था हो जाएगी। इस पर महाधिवक्ता ललित किशोर और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल डॉ. के एन सिंह ने कहा कि इस बारे में वे जानकारी प्राप्त कर अगली तारीख पर बताएंगे।
उधर वकील प्रतिनिधियों का कहना था कि हाईकोर्ट को अब निर्भीकतापूर्वक खोल देना चाहिए। शुरुआती दौर में पहले कुछ कोर्ट में नियमित सुनवाई हो सकती है जिसमें केवल वही वकील जाएं जिनके मुकदमे हों।
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