भवन के व्यावसायिक उपयोग के लिए अब ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य, अब टर्नओवर नहीं क्षेत्रफल के आधार पर देना होगा टैक्स - NPBP NEWS

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Saturday, 19 September 2020

भवन के व्यावसायिक उपयोग के लिए अब ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य, अब टर्नओवर नहीं क्षेत्रफल के आधार पर देना होगा टैक्स

गैर आवासीय उपयोग वाले भवनों के लिए अब नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस लेना ही हाेगा। क्षेत्रफल के आधार पर टैक्स देना होगा। शनिवार को सशक्त स्थायी समिति की बैठक में बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 342 के तहत ट्रेड लाइसेंस जारी करने के लिए नगर निगम अनुज्ञप्ति विनिमय 2013 के प्रस्ताव को पारित कर बोर्ड काे भेजा गया है।

बोर्ड की मंजूरी के बाद व्यावसायिक उपयोग करने वालों को ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य हो जाएगा। इसके लिए करीब तीन माह का समय दिया जाएगा। इस बीच अपने परिसर का व्यावसायिक उपयोग करने वाले लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। जाे ट्रेड लाइसेंस नहीं लेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई हाेगी। ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराया जाएगा।

प्रोपर्टी टैक्स अपडेट रहने पर ही कर सकेंगे आवेदन

ट्रेड लाइसेंस का आवेदन करने वालों को भवन का संपत्ति कर अपडेट रखना होगा। इसके बिना आवेदन नहीं होगा। नगर निगम ने नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव द्वारा 17 जुलाई 2015 को नगर निकायों को भेजे गए पत्र के आधार पर यह फैसला लिया है। इसमें प्रोपर्टी टैक्स में पिछले पांच वर्षों में वृद्धि नहीं होने की स्थिति में वार्षिक किराया मूल्य में न्यूनतम 15 फीसदी की बढ़ोतरी का निर्देश दिया गया था। साथ ही, गैर आवासीय परिसर का व्यावसायिक उपयोग करने पर ट्रेड लाइसेंस को अनिवार्य बनाया गया था।

म्यूटेशन शुल्क बढ़ाने पर भी मुहर
स्थायी समिति ने नगर निगम क्षेत्र में म्यूटेशन शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है। निगम क्षेत्र में भवन, खाली जमीन, भूखंड, फ्लैट आदि के स्मामित्व के म्यूटेशन का कार्य बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 127बी के तहत किया जाता है। म्यूटेशन का कार्य दो आधार पर होता है।

पहला खरीद-बिक्री के कारण और दूसरा संपत्ति स्वामी की मृत्यु के बाद म्यूटेशन किया जाता है। निगम प्रशासन ने माना है कि म्युटेशन शुल्क काफी कम होने के कारण नगर निगम को बड़े राजस्व की हानि होती है। पहले आवेदन शुल्क 25 रुपए, म्यूटेशन शुल्क 100 रुपए और विलंब शुल्क 100 रुपए निर्धारित था।

मद : प्रस्तावित शुल्क
1. आवेदन प्रपत्र शुल्क : 100 रुपए
2. न्यूनतम म्यूटेशन शुल्क (एक हजार वर्गफीट से कम क्षेत्रफल वाली संपत्तियों पर): 500 रु.
3. 1000 वगफीट से ऊपर की संपत्ति के म्यूटेशन पर शुल्क : एक रुपए प्रति वर्गफीट
4. विलंब शुल्क : 10 रुपए प्रति दिन
(* निबंधित विक्रय पत्र के आधार पर म्यूटेशन के लिए निर्धारित समय सीमा : 3 माह
* मृत्यु के बाद उत्तराधिकारी के आधार पर म्यूटेशन के लिए निर्धारित समय सीमा: 1 साल)

मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स में अस्थायी दुकानों का बढ़ेगा आकार

मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स की अस्थायी दुकानों के लेआउट प्लान को मंजूरी दे दी गई। अब दुकानों का आकार 10 फीट लंबा व 10 फीट चौड़ा होगा। म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग (जैविक वेस्ट) का प्रस्ताव पास कर दिया गया। 22 कंपोस्टर की खरीद का प्रस्ताव रखा गया जिसे मंजूरी मिल गई। इसके साथ ही 30 स्लम की विकास योजनाओं पर मुहर लग गई। मॉल निर्माण की योजना काे भी मंजूरी दी गई।



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Trade license now compulsory for commercial use of building


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