संविधान में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। किसी भी जाति और धर्म के लोग हों सभी को मतदान से लेकर मौलिक अधिकार दिए गए हैं।विधानसभा के सेंट्रल हॉल को सराहा और कहा कि मैं विधानसभा या विधान परिषद में कभी नहीं रहा, लेकिन यह लोकसभा के सेंट्रल हॉल से कम नहीं है। यह कई मामलों में तो बेहतर है।रविवार को विधानसभा भवन शताब्दी वर्ष के शुभारंभ व प्रबोधन कार्यक्रम में उन्होंने जोर देकर कहा- संविधान की कॉपी में अकबर की तस्वीर है, लेकिन बाबर और औरंगजेब की नहीं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश चलाने की सभी व्यवस्था संविधान में दी गई है।
भारतीय संविधान बनाने में डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. भीमराव अंबेडकर, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना आजाद की महती भूमिका थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कानून वहीं बनाए, जिसे जनता चुने। शासन चलाने वाले को दायित्व का भी निर्वहन करना है
केंद्रीय आईटी व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भारतीय संविधान की मूल कॉपी में छपी राम, सीता, हनुमान, नटराज, श्रीकृष्ण, गौतम बुद्ध और नालंदा विवि तस्वीर दिखाई, तो भाजपा के सदस्यों ने मेज थपथपाई। संविधान में सभी भारतीयों को समानता का अधिकार है।
मौलिक अधिकार संविधान का मूल तत्व है। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की व्याख्या स्पष्ट है, ताकि लोगों को सभी सुविधाएं बेहतर मिल सके।विधानसभा अध्यक्ष को उन्होंने भारतीय संविधान की तीन कॉपी भेंट की। विधायकों ने संविधान की मूल कॉपी सभी सभी को देने की मांग की तो केंद्रीय मंत्री ने उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

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