बिहार: रेलवे में नौकरी लगते ही प्रेमी ने मारी पलटी तो प्रेमिका पहुंची थाने, पुलिस ने कराई शादी - NPBP NEWS

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Friday, 23 July 2021

बिहार: रेलवे में नौकरी लगते ही प्रेमी ने मारी पलटी तो प्रेमिका पहुंची थाने, पुलिस ने कराई शादी


दरीहट के पडूहार गांव (Paduhar Village) की रहने वाली प्रियंका का टंडवा गांव के रहने वाले अभयकांत से पिछले 8 सालों से प्रेम संबंध चल रहा था.

प्रेम में धोखा का कोई स्थान नहीं है.
 लेकिन अगर प्रेमी- प्रेमिका (Boyfriend Girlfriend) में से कोई एक अगर धोखा देने की सोचे तो दूसरा पीछे हटना नहीं चाहता. 


बिहार के रोहतास (Rohtas) जिले के दरिहट में ऐसा ही एक मामला सामने आया है. 
दरीहट के पडूहार गांव की रहने वाली प्रियंका का टंडवा गांव अभयकांत से पिछले 8 सालों से प्रेम संबंध था. 
दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी बन गया था.


लेकिन मामला तब बिगड़ गया जब अभयकांत की रेलवे में नौकरी लग गई. 
अब उसके परिवार के लोगों की अभयकांत से कई उम्मीदें जुड़ गईं. 
वह अपने बेटे की शादी अपनी बिरादरी की लड़की से धूमधाम से कराना चाहते थे. 
लेकिन अभयकांत का दिल और दिमाग प्रियंका पर अटका हुआ था.

 
दोनों ने चुपके- चुपके मंदिर में शादी कर ली और मध्य प्रदेश के कटनी में रेलवे क्वार्टर में खुशी-खुशी रहने लगे. मामला जब अभयकांत के परिवार वालों तक पहुंचा तो हंगामा हो गया. 
नाराज परिजनों ने दोनों को अलग कर दिया. अभयकांत के पिता विश्वनाथ चौधरी ने अपने बेटे की शादी अपनी बिरादरी में तय कर दी.


प्रियंका को लगी वह डिहरी के महिला थाने पहुंच गई. 
पुलिस ने पूरे मामले की जांच की. पहले तो दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश हुई, लेकिन जब दोनों परिवार राजी नहीं हुए,


 तो अभयकांत को पुलिस ने थाने बुलाया. वहां अभयकांत ने प्रियंका से प्यार की बात कबूल की और उसके साथ ही शादी करने की इच्छा बताई. 


इसके बाद पुलिस ने थाने में ही दोनों की शादी का आयोजन किया. थानाध्यक्ष ने बाकायदा कन्यादान किया.
महिला थाना थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी ने पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए थाना में ही दोनों की अंतरजातीय शादी कराने का योजना बनाई. 


इस दौरान दोनों पक्षों के कुछ रिश्तेदार बुलाए गए. शादी के जरूरी सामानों की खरीदारी की गई. डिहरी के कई सामाजिक कार्यकर्ता इसमें बाराती बने.


 वहीं, महिला थाने की पुलिसकर्मी बारातियों का स्वागत करने के लिए गेट पर खड़ी रहीं.
 पुलिस की मौजूदगी में पंडित जी बुलाए गए और मंत्र उच्चारण के बीच प्रियंका और अभयकांत परिणय सूत्र में बंध गए. 


महिला थानाध्यक्ष ने दुल्हन बनी प्रियंका का कन्यादान किया और पूरी विधि-विधान से बेटी की तरह उसे विदाई दी.

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