अवैध बालू खनन को लेकर एक्शन में नीतीश कुमार, गोरख धंधे में संलिप्त अफसरों को दी चेतावनी - NPBP NEWS

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Saturday, 24 July 2021

अवैध बालू खनन को लेकर एक्शन में नीतीश कुमार, गोरख धंधे में संलिप्त अफसरों को दी चेतावनी


Bihar News: बिहार में हाल के दिनों में अवैध बालू के धंधे में संलिप्त कई अफसरों के विरूद्ध सीएम नीतीश कुमार ने एक्शन लिया है. सीएम ने साफ तौर पर कहा है कि हमारा लक्ष्य है कि किसी तरीके की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए

 बिहार में हो रहे अवैध बालू खनन पर सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने कड़ा रूख अख्तियार किया है. 

नीतीश कुमार ने कहा कि अवैध खनन पर लगातार कार्रवाई हो रही है. जो दोषी अधिकारी हैं उन पर भी कार्रवाई हुई है.
 
जांच के बाद ही सभी सरकारी कर्मचारी और ऑफिसर पर कार्रवाई की गई है. 
पुलिस और अन्य विभागों के माध्यम से बालू का अवैध खनन (Illegal Sand Mining) न हो इस पर निगरानी रखी जा रही है. 

सीएम ने कहा कि कुछ लोगों की मानसिकता ही गड़बड़ होती है लेकिन इसके लिए पूरा प्रयास होना चाहिए कि कम से कम गड़बड़ी हो.

सीएम ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि किसी तरीके की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए.
 सभी जिलों के डीएम और एसपी को भी अवैध खनन रोकने के लिए निर्देशित किया गया है.
 सरकारी तंत्र में गड़बड़ी करने वालों को भी नहीं छोड़ा जाता है. कुछ लोगों को अभी पता चल गया है. 
फोन टैपिंग के मामले में सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि नई टेक्नोलॉजी का लाभ भी है और दूसरी तरफ गड़बड़ी भी है. 

इस पर निश्चित रूप से कार्रवाई होनी चाहिए. केंद्र सरकार ने भी कहा है कि जो गलत चीज है उस पर एक्शन होना चाहिए. 

कभी भी किसी को परेशान नहीं करना चाहिए और उनकी चीजों को नियंत्रण में लेने की कोशिश नहीं होनी चाहिए.
बिहार में ऑक्सीजन की समस्या पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि ऑक्सीजन पर लगातार काम किया जा रहा है. 

अचानक जरूरत हुई तो दिक्कतें हुई, लेकिन जरूरतों को पूरा भी किया गया है. 
ऑक्सीजन की कोई कमी न हो इसके लिए काम किया जा रहा है. अस्पतालों और अन्य जगहों पर भी पूरी तरीके से तैयारी चल रही है.

सीएम नीतीश ने आश्वस्त किया कि अगले महीने तक ऑक्सीजन की जरूरत बहुत जगहों पर पूरी हो जाएगी .
जातीय जनगणना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से बिहार के इस प्रस्ताव पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है.

 सीएम नीतीश कुमार ने एक बार फिर से जातीय जनगणना की मांग दुहराई. 
उन्होंने कहा कि फऱवरी 2019 और फरवरी 2020 में विधानसभा से जातीय जनगणना का प्रस्ताव सर्व सहमति से पारित किया था.

 उन्होंने कहा कि किस जाती की आबादी कितनी है इसका वास्तविक जनगणना से ही संभव है. इस लिए एक बार जातीय आधार पर जनगणना होना चाहिए.
 इससे पता चलेगा की SC- ST के अलावा गरीब-गुरबा तबके के जो लोग हैं उनकी संख्या क्या है. इससे गरीब-पिछड़े लोगों को लाभ मिलेगा.

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