गया का विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला:17 दिन में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का होता है कारोबार, इस बार भी मेला लगने की उम्मीद; विदेशों से भी पहुंचते हैं श्रद्धालु - NPBP NEWS

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Saturday, 28 August 2021

गया का विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला:17 दिन में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का होता है कारोबार, इस बार भी मेला लगने की उम्मीद; विदेशों से भी पहुंचते हैं श्रद्धालु






20 सितंबर से पितृपक्ष शुरू हो रहा है। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। इसमें पितरों का पूजन किया जाता है।

 मान्यता है कि पितृ प्रसन्न होने पर जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करते हैं और जीवन में सुख समृद्धि प्रदान करते हैं।


 पितृ पक्ष में गया जिले में मेले का आयोजन किया जाता है। पितृपक्ष की वजह से ही गया बिहार का एकमात्र ऐसा शहर है जिसे लोग 'गया जी' कहते हैं। बाहर के श्रद्धालु भी गया जी संबोधित करते हैं।



कोरोना काल में पिछले साल इस मेले का आयोजन नहीं किया गया था। पर इस बार पंडा समाज से लेकर व्यापार से


 जुड़े लोगों में अब प्रशासन से थोड़ी उम्मीदें बंधी है कि इस बार मेले का आयोजन होगा। बीते गुरुवार को विश्वविख्यात विष्णुपद मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है।


 पितृपक्ष के 17 दिनों के मेले में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार होता है। यहा पिंडदान के लिए विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं का अभी से ही आना शुरू हो चुका है।


आज हम आपको बताते हैं कि इस विष्णुपद मंदिर व पितृ पक्ष मेला की वजह से शहर की व्यापारिक गतिविधियां


 कैसे टीकी हुई हैं। जिला प्रशासन के अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक 6 से 8 लाख के बीच पितृ पक्ष मेला में प्रत्येक


 वर्ष यहां पिंडदानी आते हैं। पितृ पक्ष मेला आश्विन कृष्ण पक्ष से शुरू हो जाता है। मेले की तय तिथि से करीब चार माह पूर्व से सरकार के दिशा निर्देश पर जिला प्रशासन तैयारी में जुट जाता है।Reed all news

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