बच्ची के पिता राजमिस्त्री सूरज सहनी ने बताया कि वे बालूघाट जंगली माई स्थान के रहने वाले हैं। कल शाम को अचानक से बच्ची की हालत बिगड़ गयी थी। इसे उल्टी-दस्त हो रहा था।
मोहल्ले के एक कंपाउंडर से दिखाया। उसने कहा कि डायरिया है। अस्पताल लेकर जाएं। बच्ची को सदर अस्पताल में भर्ती कराया।
सिविल सर्जन डॉक्टर विनय शर्मा ने बताया कि इस पूरे मामले पर उपाधीक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है। रोस्टर के अनुसार रात को किसकी ड्यूटी थी। इसकी भी जांच की जा रही है। लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जायेगी।
मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में 15 वर्षीय अमृता कुमारी ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। लेकिन, कोई डॉक्टर या नर्स उसे देखने नहीं आये। परिजन पूरी रात डॉक्टर को खोजने के लिए अस्पताल में भागदौड़ करते रहे।
लेकिन, कोई नहीं मिला। अहले सुबह बच्ची की मौत हो गयी। घटना से आक्रोशित होकर लोगों ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया। अस्पताल प्रबन्धन और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

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